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लखनऊ में 10 मिनट की देरी पर बच्चे को स्कूल में प्रवेश नहीं देने का आरोप

लखनऊ। वरदान इंटरनेशनल अकैडमी को लेकर अभिभावक वैभव अवस्थी ने विद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि करीब 10 मिनट की देरी से स्कूल पहुंचने पर उनके बच्चे वंशिल अवस्थी को विद्यालय में प्रवेश नहीं दिया गया। आरोप है कि इस दौरान विद्यालय के वाइस प्रधानाचार्य ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। अभिभावक ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री दरबार में कर जांच और कार्रवाई की मांग की है।

वैभव अवस्थी का आरोप है कि उनके बच्चे की करीब छह महीने की फीस बकाया है। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि करीब तीन महीने पहले उनके घर में एक छोटे बच्चे का जन्म हुआ, जिसके कारण वह आर्थिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से अनुरोध किया था कि फिलहाल कुछ फीस जमा करा दी जाए और बाकी राशि वह धीरे-धीरे चुका देंगे। उनका दावा है कि पिछले तीन वर्षों में कभी फीस बकाया नहीं रही।

अभिभावक का आरोप है कि फीस बकाया होने के बाद से उनके बच्चे के साथ विद्यालय में दुर्व्यवहार किया जा रहा है। बच्चे को कक्षा में सबसे पीछे बैठाने और फीस जमा नहीं करने पर परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं देने की बात कहे जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से कई बार अनुरोध किया कि उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए फीस जमा करने के लिए कुछ समय दिया जाए।

अभिभावक के मुताबिक, जिस दिन वह बच्चे को लेकर विद्यालय पहुंचे, उस दिन करीब 10 मिनट की देरी हो गई। आरोप है कि बच्चे को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर बच्चे को विद्यालय से निकालने की धमकी दी गई।

फीस वसूली और अन्य व्यवस्थाओं पर भी सवाल

अभिभावक ने विद्यालय में फीस व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि फीस जमा नहीं होने पर अभिभावकों पर दबाव बनाया जाता है और परीक्षा में बैठने से रोकने की बात कही जाती है। उन्होंने विद्यालय प्रशासन से बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न करने और बकाया फीस जमा करने के लिए उन्हें समय देने की मांग की है।

मामले में अभिभावक ने विद्यालय की कार्यप्रणाली, फीस व्यवस्था, बच्चों के साथ कथित व्यवहार और शिकायत करने पर दी गई कथित धमकी की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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