Site icon Talk2India

उज्जैन की घटना पर सपा नेता ने सरकार से पूछे सवाल, कहा- बातचीत के बाद भी लाठीचार्ज और आंसू गैस क्यों चली

IMG 20260929 WA0281

भोपाल। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सुफियान अली कुरैशी ने मंगलवार को उज्जैन की शाही मस्जिद से जुड़े मामले को लेकर मध्य प्रदेश सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब मस्जिद कमेटी से बातचीत हो चुकी थी, तो मामला लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल तक क्यों पहुंचा। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि बातचीत के जरिए विवाद का समाधान करे और कानून-व्यवस्था बनाए रखे।

कुरैशी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसके नेताओं में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मुकाबला धार्मिक स्थलों और समुदायों को निशाना बनाने के बजाय विकास, रोजगार, किसानों और आम लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर होना चाहिए।

उज्जैन के इतिहास का जिक्र करते हुए कुरैशी ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की किताब ‘इंडिया डिवाइडेड’ का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि किताब में मुगल काल के दौरान उज्जैन के महाकाल मंदिर को सरकारी खजाने से रोजाना चार सेर घी दिए जाने का उल्लेख है। इसका इस्तेमाल मंदिर में रोशनी के लिए किया जाता था। उन्होंने कहा कि इतिहास में अलग-अलग शासकों के दौर में मंदिरों और पुजारियों को दिए गए अनुदान का भी उल्लेख मिलता है।

कुरैशी ने कहा कि भारत का इतिहास केवल विवादों का नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और साझा संस्कृति का भी है। उन्होंने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, डॉ. राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि देश की विविधता और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखना जरूरी है।

उन्होंने सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कानून के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए।

कुरैशी ने कहा, हम चाहते हैं कि इस देश में मंदिर भी सुरक्षित रहें और मस्जिदें भी सुरक्षित रहें। मंदिरों में पूजा होती रहे और मस्जिदों से अजान की आवाज गूंजती रहे। यही हिंदुस्तान की साझा संस्कृति है।

उन्होंने उज्जैन की घटना की निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल क्यों किया गया, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।

Exit mobile version