नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल, एलपीजी और बिजली की कीमतों (Price Hike) में तेजी का असर आम आदमी के बजट पर साफ नजर रहा आ है। चावल, चीनी, तेल और टमाटर के दाम पिछले एक साल में बहुत ज्यादा बढ़े हैं।
उपभोक्ता मामलों से जुड़े ताजा आंकड़ों के मुताबिक खाद्य तेलों की कीमतों में बढ़ोतरी (Price Hike) का सिलसिला जारी है। सूरजमुखी तेल की औसत रिटेल कीमत एक साल में 17.33 प्रतिशत बढ़कर 187.33 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई है। सरसों तेल में 11.38 प्रतिशत और पाम तेल में 11.59 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई है। सोया ऑयल भी पिछले वर्ष की तुलना में 10.02 प्रतिशत महंगा हुआ है। मूंगफली तेल के दाम 202.78 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है, जो एक साल पहले के मुकाबले 8.67 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार और आयात लागत का असर घरेलू तेल कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
टमाटर की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल
सब्जियों में टमाटर सबसे ज्यादा महंगा (Price Hike) हुआ है। टमाटर की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 43.36 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई, जो एक महीने पहले की तुलना में 22.31 प्रतिशत और एक साल पहले की तुलना में 36.96 प्रतिशत अधिक है। प्याज की कीमत भी बढ़कर 27.01 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई है। हालांकि आलू की कीमतों में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है।
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चावल और चीनी महंगे, गेहूं में नरमी
अनाज और चीनी की श्रेणी में चावल की औसत खुदरा कीमत 43.65 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.13 प्रतिशत अधिक है। चीनी की कीमत (Price Hike) भी बढ़कर 46.85 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। इसके विपरीत गेहूं और गेहूं के आटे की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। गेहूं की कीमत में सालाना आधार पर 1.47 प्रतिशत और आटे की कीमत में 0.27 प्रतिशत की कमी आई है। इससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिलने की संभावना है।
दालों में मामूली तेजी
चना दाल, तूर दाल, उड़द दाल, मूंग दाल और मसूर दाल की कीमतों में पिछले एक महीने के मुकाबले बहुत बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। चना दाल की औसत खुदरा कीमत 85.58 रुपये प्रति किलोग्राम रही, जबकि तूर दाल 122.46 रुपये प्रति किलोग्राम पर दर्ज की गई। उड़द दाल 118.74 रुपये, मूंग दाल 111.59 रुपये और मसूर दाल 90.09 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर रही। एक साल की तुलना में सभी प्रमुख दालों की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है। सबसे अधिक सालाना वृद्धि मसूर दाल में 3.83 प्रतिशत और उड़द दाल में 2.83 प्रतिशत दर्ज की गई है। इससे संकेत मिलता है कि दालों का बाजार फिलहाल अपेक्षाकृत संतुलित बना हुआ है।
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महानगरों में भी दिखा असर
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और रांची जैसे प्रमुख शहरों में भी खाद्य तेलों और दालों की कीमतों में अंतर देखने को मिला। मुंबई में खाद्य तेलों की कीमतें अपेक्षाकृत अधिक रहीं, जबकि कोलकाता और चेन्नई में टमाटर तथा दालों के दाम कई वस्तुओं में ऊंचे स्तर पर दर्ज किए गए।