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खाकी और सरकार अलर्ट: 6 जून को जंतर-मंतर पर जुटने वाले हैं ‘Cockroach’

6 जून को जंतर-मंतर पर जुटने वाले हैं 'Cockroach

सोशल मीडिया से शुरू होकर देश का सबसे बड़ा यूथ मूवमेंट बन चुकी ‘Cockroach’ जनता पार्टी’ ने अब सरकार के खिलाफ अपनी जंग तेज कर दी है। आज नई दिल्ली में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी के प्रवक्ताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

आज (4 जून) नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने JEE (Advanced) 2026 के रिजल्ट पोर्टल में क्लाउड स्टोरेज की गड़बड़ी के कारण लगभग 2 लाख छात्रों के नाम, फोन नंबर और तस्वीरें लीक होने के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया।

 

रांका ने तंज कसते हुए कहा-

जिस देश के टेक प्रोफेशनल्स दुनिया की टॉप कंपनियों को चला रहे हैं, वहां का शिक्षा मंत्रालय और सरकार इतने अक्षम हैं कि एक बेसिक रिजल्ट पोर्टल का डेटा भी सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं। हम जानना चाहते हैं कि हमारे देश के बच्चों का यह डेटा किसके हाथों में गया है।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े युवा

सीजेपी ने साफ कर दिया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही उनकी मुख्य मांग है। हाल ही में CBSE के चेयरमैन और सेक्रेटरी के तबादलों को सीजेपी प्रवक्ता और स्वतंत्र पत्रकार सौरव दास ने महज एक दिखावा करार दिया। उन्होंने कहा कि असली ज़िम्मेदारी शिक्षा मंत्री की है जिन्होंने देश के शिक्षा ढांचे को बर्बाद कर दिया है।

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प्रवक्ता और फिल्ममेकर विजेता दहिया ने लोकतंत्र की परिभाषा को याद दिलाते हुए कहा:

हमारे देश में यह अजीब सोच बन गई है कि 5 साल में एक बार वोट दो, राजा चुनो और भूल जाओ। लोकतंत्र गतिशील होना चाहिए। हमने कोई राजा नहीं बल्कि अपने ‘कर्मचारी’ चुने हैं, अगर वे काम नहीं करेंगे तो उनसे जवाब मांगा जाएगा।

6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन

US में पढ़ाई कर रहे सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून की सुबह 8 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से वे सीधे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन करने की अनुमति मांगेंगे।

आंदोलन को बड़ा समर्थन

इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में मशहूर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल होने जा रहे हैं।

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बैनर मुक्त प्रदर्शन की अपील

सीजेपी ने देशभर के युवाओं और विपक्षी दलों से अपील की है कि वे किसी राजनीतिक दल या संगठन के बैनर के बिना, केवल एक छात्र और नागरिक के रूप में इस आंदोलन का हिस्सा बनें।

अफवाहों और सुरक्षा पर पक्ष

सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन के हिंसक होने की उड़ रही अफवाहों को खारिज करते हुए आशुतोष रांका ने साफ किया कि यह आंदोलन पूरी तरह से महात्मा गांधी, डॉ. बी.आर. आंबेडकर और भगत सिंह के संवैधानिक सिद्धांतों पर आधारित रहेगा। दिपके के करीबियों को आशंका है कि भारत लौटते ही उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है, जिस पर दिपके ने कहा, “हम कब तक डर में जिएंगे? यह देश किसी एक पार्टी का नहीं, हम सबका है।”

क्या है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?

मई 2026 में देश के एक शीर्ष न्यायिक पद से बेरोजगार युवाओं को कथित तौर पर “कॉकरोच और समाज का परजीवी” कहे जाने के विरोध में इस आंदोलन की शुरुआत हुई थी। युवाओं ने इस अपमान को ही अपना प्रतीक बना लिया। सिर्फ कुछ ही दिनों में इस मूवमेंट के इंस्टाग्राम पर 22 Million से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं, जो कई स्थापित राजनीतिक दलों से भी ज्यादा हैं। मौजूदा समय में यह NEET, CBSE, CUET पेपर लीक और छात्रों के हक की आवाज़ उठाने वाला सबसे बड़ा गैर-पंजीकृत युवा मोर्चा बन चुका है।

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