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Kanpur Murder Case : हॉस्पिटल संचालक का खौफनाक राज, युवती को अगवा कर दरिंदगी फिर हत्या

Kanpur Murder Case

Kanpur Murder Case : कानपुर के बर्रा से अगवा कर नर्सिंग छात्रा की चलती स्कॉर्पियो में हत्या और बुलंदशहर में लाश फेंकने के मामले में पुलिस ने उन्नाव के उत्तम अस्पताल संचालक समेत 3 को गिरफ्तार किया। पुलिस परेड के दौरान बीच सड़क पर रो पड़े आरोपी, जानें क्या था पूरा मामला?

उत्तर प्रदेश के कानपुर से शुरू हुआ एक सनसनीखेज अपहरण और हत्याकांड (Kanpur Murder Case) अब उत्तर प्रदेश पुलिस की सख्त कार्रवाई के बाद देश भर में चर्चा का विषय बन गया है। एक 21 वर्षीय नर्सिंग छात्रा को अगवा कर उसके साथ चलती गाड़ी में सामूहिक दुष्कर्म किया गया और पहचान छुपाने के लिए उसकी हत्या कर शव को 400 किलोमीटर दूर फेंक दिया गया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनका उसी इलाके में पैदल मार्च निकाला, जहां से उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था।

मामले की शुरुआत कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र (कर्रही रोड) से हुई। मुख्य आरोपी देव कांत उत्तम ने सोची-समझी साजिश के तहत पीड़िता को मिलने के लिए बुलाया। आरोपी की बातों में आकर पीड़िता जैसे ही उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठी, आरोपियों ने गाड़ी को लॉक कर दिया और उसे बंधक बना लिया।

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चलती कार में गैंगरेप और हत्या

आरोपी गाड़ी को कानपुर से हाईवे की तरफ ले गए। चलती गाड़ी के अंदर ही आरोपियों ने पीड़िता के साथ जबरन शारीरिक शोषण किया। जब पीड़िता ने इसका कड़ा विरोध किया और पुलिस में जाने की बात कही, तो आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से गाड़ी के अंदर ही उसका गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

बुलंदशहर में ठिकाने लगाई लाश

हत्या के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से आरोपी शव को गाड़ी में लेकर करीब 400 किलोमीटर दूर बुलंदशहर के कोतवाली देहात क्षेत्र (चोला चौकी के पास) पहुंचे। वहां एक सुनसान इलाके में सड़क किनारे लाश को फेंककर आरोपी फरार हो गये।

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हत्याकांड की मुख्य वजह?

पुलिस जांच और आरोपियों के कबूलनामे के अनुसार, मुख्य आरोपी देव कांत उत्तम उन्नाव में एक निजी अस्पताल (उत्तम हॉस्पिटल) चलाता है। पीड़िता और देव कांत पहले से एक-दूसरे को जानते थे। बताया जा रहा है कि पीड़िता के पास आरोपी से जुड़े कुछ निजी वीडियो या दस्तावेज थे, जिसे लेकर दोनों में विवाद चल रहा था। देव कांत को डर था कि युवती उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और अस्पताल को बर्बाद कर देगी। इसी राज को दफन करने के लिए उसने अपने साथी विवेक पटेल (एम्बुलेंस ड्राइवर) और सुरजन सिंह के साथ मिलकर इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया।

बीच सड़क पर रो पड़े हत्यारे

CCTV फुटेज और सर्विलांस की मदद से कानपुर पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अपराधियों के हौसले पस्त करने और जनता में विश्वास जगाने के लिए एक कड़ा कदम उठाया।

पुलिस ने तीनों आरोपियों के हाथों में रस्सियां बांधीं और बर्रा इलाके की सड़कों पर उनका पैदल मार्च (परेड) निकाला। कल तक जो अपराधी बेखौफ होकर घूम रहे थे, वे पुलिस और जनता के सामने हाथ जोड़कर, घुटनों के बल बैठकर रोते हुए दिखे और चिल्ला-चिल्लाकर कहने लगे— “हमसे बहुत बड़ी गलती हो गई, हमें माफ कर दो।”

 

पुलिस का बयान और आगामी कार्रवाई

यह एक बेहद क्रूर और सोची-समझी साजिश के तहत किया गया अपराध था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए गए हैं। मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलाई जा सके।

— संबंधित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, कानपुर

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