मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पॉश इलाके कटारा हिल्स से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक रिटायर्ड जज के घर में उनकी बहू 32 वर्षीय ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 12 मई की रात ट्विशा का शव फांसी के फंदे से लटका मिला था। शुरुआत में इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मायके पक्ष के आरोपों ने इस मामले को पूरी तरह से पलट दिया है। नोएडा से भोपाल पहुंचे ट्विशा के मेजर भाई और माता-पिता ने इसे सीधे तौर पर ‘हत्या’ करार दिया है। बढ़ते जनाक्रोश और वीआईपी कनेक्शन को देखते हुए भोपाल पुलिस ने मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया है।
कौन थीं ट्विशा शर्मा?
- मूल रूप से नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा एक बेहद टैलेंटेड और आत्मनिर्भर महिला थीं।
- ट्विशा साल 2012 में ‘मिस पुणे’ रह चुकी थीं और मॉडलिंग व कॉर्पोरेट सेक्टर में सक्रिय थीं।
- शादी से पहले वह नोएडा की एक प्रतिष्ठित कंपनी में अच्छे पद पर कार्यरत थीं।
- साल 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए ट्विशा की मुलाकात भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ के पिता और माता (गिरिबाला सिंह) दोनों ही रिटायर्ड जज हैं। कुछ महीनों की बातचीत और प्यार के बाद दोनों ने दिसंबर 2025 में बड़े ही धूमधाम से लव मैरिज की थी। शादी के बाद ट्विशा अपनी नौकरी छोड़कर भोपाल शिफ्ट हो गई थीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खड़े किए सवाल
पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिसने पहले ही मौत को संदिग्ध बना दिया था। अब ट्विशा (Twisha Sharma) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस शक को यकीन में बदल दिया है। हालांकि रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना (फांसी) बताया गया है, लेकिन ट्विशा के शरीर पर कई जगहों पर चोटों के गहरे निशान पाए गए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि मौत से पहले उनके साथ मारपीट या हाथापाई की गई थी।
गर्भपात और प्रताड़ना की कहानी
नोएडा से भोपाल पहुंचे ट्विशा के भाई, जो भारतीय सेना में मेजर के पद पर तैनात हैं (हर्षित शर्मा), ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों के अनुसार ट्विशा ने शादी के लिए नोएडा की नौकरी छोड़ी थी, लेकिन भोपाल आते ही ससुराल वाले उस पर दोबारा नौकरी करने और पैसे कमाने का दबाव बनाने लगे, जिसे लेकर रोज विवाद होता था।
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परिजनों का आरोप है कि ट्विशा अभी मां बनने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थीं, लेकिन दबाव के चलते वह मार्च में प्रेगनेंट हो गईं। ससुराल वालों के शारीरिक और मानसिक टॉर्चर के कारण मार्च के महीने में ही उनका गर्भपात हो गया था।
ट्विशा के भाई मेजर हर्षित ने बताया कि घटना से कुछ समय पहले ट्विशा ने फोन पर रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई थी और कहा था कि वह अब यहाँ नहीं रह सकती। उन्होंने नोएडा वापस आने के लिए रेलवे टिकट भी बुक कर लिया था लेकिन घर लौटने से पहले ही उनकी मौत की खबर आ गई।
न्याय के लिए CM हाउस के बाहर धरना
यह मामला रसूखदार परिवार (रिटायर्ड जज) से जुड़ा हुआ है, इसलिए निष्पक्ष कार्रवाई न होने के डर से ट्विशा के बूढ़े माता-पिता और मेजर भाई भोपाल में मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए हैं।
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“हमें न्याय चाहिए। मेरी बहन को प्रताड़ित कर मारा गया है और रसूख के दम पर केस को दबाने की कोशिश हो रही है।”
— मेजर हर्षित शर्मा (ट्विशा के भाई)
मामले को तूल पकड़ता देख और चौतरफा दबाव के बाद भोपाल पुलिस कमिश्नर ने आनन-फानन में 6 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह टीम अब रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह, उनके पति और आरोपी पति समर्थ सिंह से कड़ाई से पूछताछ करेगी।
पुलिस अब ट्विशा के फोन कॉल रिकॉर्ड्स, व्हाट्सएप चैट्स और रेलवे टिकट की डिटेल्स खंगाल रही है ताकि मौत के आखिरी घंटों का सच सामने आ सके। इस हाई-प्रोफाइल केस पर पूरे मध्य प्रदेश और नोएडा की नजरें टिकी हुई हैं।