लखनऊ। समर्पण इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज, लखनऊ की प्राचार्या डॉ. दीप्ति शुक्ला ने नई दिल्ली में 24 और 25 सितंबर 2026 को आयोजित 7वीं कॉमनवेल्थ नर्सेज एंड मिडवाइव्स कॉन्फ्रेंस में दो शोध पत्र प्रस्तुत किए। सम्मेलन का आयोजन कॉमनवेल्थ नर्सेज एंड मिडवाइफरी फेडरेशन (CNMF) ने ट्रेंड नर्सेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TNAI) के सहयोग से किया।
डॉ. शुक्ला के दोनों शोध महिला स्वास्थ्य एवं सर्जिकल केयर से जुड़े नर्स-प्रेरित नवाचारों पर आधारित थे। पहला शोध सीजेरियन प्रसव के बाद महिलाओं की रिकवरी में सहायता के लिए विकसित अभिनव पोस्टपार्टम एब्डॉमिनल बाइंडर पर केंद्रित था। इसका उद्देश्य प्रसव के बाद महिलाओं के दर्द को कम करने, गतिशीलता बढ़ाने और रिकवरी को अधिक आरामदायक बनाने में सहायता करना है।
दूसरा शोध स्त्री रोग संबंधी प्रक्रियाओं के लिए विकसित नर्स-डिजाइन सिंगल-ब्लेड वैजाइनल रिफ्लेक्टर पर आधारित था। इस नवाचार को गाइनेकोलॉजिकल प्रक्रियाओं के दौरान बेहतर विजुअलाइजेशन, आसान एक्सेस, मरीज के आराम और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बेहतर हैंडलिंग को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
सम्मेलन में दोनों महिला-केंद्रित नवाचारों और शोध प्रस्तुतियों को प्रतिभागियों एवं विशेषज्ञों ने सराहा। इन नवाचारों को आगे व्यापक उपयोग के लिए विकसित करने और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद बाजार में उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
शोध प्रस्तुत करने के साथ डॉ. दीप्ति शुक्ला ने सम्मेलन के दो वैज्ञानिक शोध-पत्र सत्रों में मॉडरेटर की भूमिका भी निभाई। उन्होंने विभिन्न शोध प्रस्तुतियों से जुड़े वैज्ञानिक विचार-विमर्श और अकादमिक संवाद को संचालित किया।
डॉ. शुक्ला ने कहा कि नर्सिंग केवल मरीजों की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि शोध, नवाचार और वैज्ञानिक सोच के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में व्यावहारिक समाधान विकसित करने की भी अपार संभावनाएं हैं। विशेष रूप से महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में नर्स-प्रेरित नवाचार मरीजों की सुविधा, सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण देखभाल को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर दो नवाचार आधारित शोध प्रस्तुत करने और वैज्ञानिक सत्रों के संचालन को समर्पण इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज, लखनऊ के लिए महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि मा.ना जा रहा है।