Lok Sabha Election 2024: चौथे चरण में पश्चिम बंगाल की इन 8 सीटों पर चुनावी घमासान

चौथे चरण पं बंगाल की आठ सीटों पर वोटिंग हो रही है. बहरामपुर सीट छोड़कर सभी सीटों पर बीजेपी और टीएमसी के उम्मीदवारों में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है.

May 13, 2024 - 13:18
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Lok Sabha Election 2024: चौथे चरण में पश्चिम बंगाल की इन 8 सीटों पर चुनावी घमासान

पश्चिम बंगाल में चौथे चरण में बहरामपुर, कृष्णानगर, राणाघाट, बर्धमान पूर्व, बर्धमान-दुर्गापुर, आसनसोल, बोलपुर और बीरभूम सीटों पर मतदान हो रहा है। इस बार इन सभी सीटों पर मुकाबला आसान नहीं होने वाला है. माना जा रहा है कि बेहरामपुर सीट को छोड़कर ज्यादातर इलाकों में बीजेपी और टीएमसी के बीच ही मुकाबला है.

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख नेता महुआ मोइत्रा पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से चुनाव लड़ रही हैं। वह बीजेपी उम्मीदवार अमृता रॉय के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, जो कृष्णानगर शाही परिवार से हैं। 2019 के चुनाव में महुआ ने इस सीट पर बीजेपी के कल्याण चौबे को 63,218 वोटों से हराया था. वहीं, साल 2014 में टीएमसी के तापस पाल ने सीपीएम उम्मीदवार शांतनु झा को हराया था. यहां मुस्लिम 26.76 फीसदी, एससी 29.9 फीसदी और एसटी 2.7 फीसदी हैं. इस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या 1704722 मतदाता है और मतदान केंद्रों की कुल संख्या 2383 है। 16,22,495 मतदाताओं में से 8,41,003 पुरुष मतदाता और 7,81,449 महिला मतदाता हैं। इस चुनाव में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है.

आसनसोल

वहीं, पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से मौजूदा बीजेपी सांसद एसएस अहलूवालिया को आसनसोल से पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया है. पवन सिंह की जगह अहलूवालिया को टिकट मिला है. इस सीट पर टीएमसी ने अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो इस सीट से मौजूदा सांसद हैं.

बरहाम्पुर

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी बहरामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. टीएमसी ने यहां से पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान को अपना उम्मीदवार बनाया है. यहां से निर्मल कुमार साहा बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. 1999 से इस सीट पर कांग्रेस के अधीर चौधरी लगातार चार बार जीत चुके हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में अधीर रंजन चौधरी को 56.91% वोट मिले थे जबकि 2019 में उन्हें 45.47% वोट मिले। माना जा रहा है कि अगर पठान ये मुस्लिम वोट पाने में कामयाब रहे तो चौधरी के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

बर्धमान-दुर्गापुर

पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद बर्धमान से टीएमसी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं. उनके खिलाफ बीजेपी ने दिलीप घोष को अपना उम्मीदवार बनाया है. यह सीट 2008 में संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन के बाद 2009 में बनाई गई थी। तब से, इसने पिछले तीन चुनावों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, टीएमसी और बीजेपी के प्रतिनिधियों को लोकसभा में भेजा है। 2019 में बीजेपी के एस एस अहलूवालिया ने करीब 3 हजार वोटों से जीत हासिल की थी.

रानाघाट

राणाघाट सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, जहां 2009 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी के सुकरू रंजन हलदर ने जीत हासिल की थी. वहीं 2014 में एक बार फिर से तृणमूल कांग्रेस ने अपना प्रभाव बरकरार रखते हुए जीत हासिल की और तापस मंडल सांसद चुने गए. 2019 के चुनाव में मिनाती बिस्वास कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ रही थीं जबकि रूपाली बिस्वास तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही थीं. इस बार बीजेपी ने इस सीट से जगन्नाथ सरकार को टिकट दिया है, जबकि इंडिया अलायंस से श्यामल कुमार मलिक मैदान में हैं.

बर्धनम पूर्व

बर्धनम पूर्व निर्वाचन क्षेत्र एक एससी सीट है। 2019 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी के सुनील कुमार मंडल ने 89,311 वोटों के अंतर से सीट जीती। सुनील कुमार मंडल को 45.00% वोट शेयर के साथ 640,834 वोट मिले और उन्होंने बीजेपी के परेश चंद्र दास को हराया, जिन्हें 551,523 वोट (38.31%) मिले। 2014 के लोकसभा चुनाव में भी यहां से टीएमसी के सुनील कुमार मंडल ने जीत हासिल की थी. इस बार यहां से इंडिया अलायंस ने शर्मिला सरकार को टिकट दिया है और बीजेपी ने असीम कुमार सरकार को मैदान में उतारा है, इन दोनों के बीच ही मुकाबला माना जा रहा है.

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